ज़ोमैटो पैसे कैसे कमाता है: व्यवसाय के अंदर एक नज़र

यह लेख बताता है कि ज़ोमैटो, एक प्रमुख फ़ूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म, राजस्व कैसे उत्पन्न करता है। हम विभिन्न आय स्रोतों, रेस्तरां कमीशन से लेकर डिलीवरी शुल्क तक, और सेवा को चालू रखने में शामिल लागतों पर विचार करेंगे। यह आपके पसंदीदा भोजन को आपके दरवाजे तक पहुंचाने के पीछे की अर्थव्यवस्था पर एक आकर्षक नज़र है।

मुख्य बातें

  • ज़ोमैटो रेस्तरां कमीशन, ग्राहक डिलीवरी शुल्क और मार्केटिंग शुल्क के माध्यम से पैसा कमाता है।
  • कंपनी की लाभप्रदता डिलीवरी और ग्राहक सहायता जैसी परिचालन लागतों के मुकाबले राजस्व को संतुलित करने पर निर्भर करती है।
  • व्यवसाय को बड़े पैमाने पर बढ़ाने से प्रति ऑर्डर लागत काफी कम हो जाती है, जिससे लाभप्रदता होती है।
  • भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और बढ़ती उपभोक्ता खर्च क्षमता ज़ोमैटो के लिए एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करती है।
  • डेटा ज़ोमैटो के संचालन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, राइडर क्षमता की योजना बनाने से लेकर रेस्तरां भागीदारों को सूचित करने तक।

ज़ोमैटो के राजस्व स्रोतों को समझना

तो, ज़ोमैटो वास्तव में प्रत्येक ऑर्डर से पैसा कैसे कमाता है? यह कई चीजों का मिश्रण है। सबसे पहले, ग्राहक शुल्क हैं, जिसमें डिलीवरी शुल्क शामिल है। लेकिन उन्हें रेस्तरां से भी एक हिस्सा मिलता है। इसे ज़ोमैटो के लिए एक मार्केटिंग शुल्क के रूप में सोचें, क्योंकि वे इन व्यवसायों के लिए ऑर्डर उत्पन्न कर रहे हैं। फिर, निश्चित रूप से, डिलीवरी राइडर्स को भुगतान करने की लागत है। मुख्य लक्ष्य यह है कि आने वाला पैसा जाने वाले पैसे से अधिक हो।

मान लीजिए कि एक ग्राहक डिलीवरी शुल्क सहित, एक ऑर्डर के लिए औसतन ₹400 खर्च करता है। रेस्तरां से ज़ोमैटो का कमीशन लगभग 17-18% हो सकता है, जो लगभग ₹70 के बराबर होता है। इसमें ग्राहक का डिलीवरी शुल्क जोड़ें, शायद ₹20-30, और आपको प्रति ऑर्डर लगभग ₹100 का राजस्व मिलता है। अच्छा लगता है, है ना? लेकिन फिर आपको लागत घटानी होगी।

डिलीवरी की लागत

डिलीवरी अपने आप में सस्ती नहीं है। दूरी और शहर के आधार पर, एक ऑर्डर डिलीवर करने की लागत ₹50 से ₹70 तक हो सकती है। फिर अन्य खर्च भी हैं। ग्राहक सहायता में पैसा लगता है - वे एजेंट हैं जिनसे आप तब बात करते हैं जब आपको कोई समस्या होती है। भुगतान गेटवे शुल्क भी हैं। और यदि कोई ग्राहक अपने भोजन से खुश नहीं है और उसे रिफंड मिलता है, तो यह एक और लागत है जिसे ज़ोमैटो को कवर करना पड़ता है।

छूट की दुविधा

लोग अक्सर आश्चर्य करते हैं कि ज़ोमैटो इतनी बड़ी छूट कैसे दे सकता है, जिसे कभी-कभी '50% तक की छूट' के रूप में विज्ञापित किया जाता है। वास्तविकता यह है कि वास्तविक छूट आमतौर पर ₹100 के ऑर्डर पर 20% के करीब होती है। वक्ता को लगता है कि छूट ईमानदार और पारदर्शी होनी चाहिए। हालांकि, यदि प्रतिस्पर्धी बड़ी छूट देना जारी रखते हैं, तो किसी भी एक कंपनी के लिए उस रणनीति को बदलना मुश्किल हो जाता है। यह एक प्रतिस्पर्धी खेल है।

पैमाने की शक्ति

औसतन, ज़ोमैटो को एक ऑर्डर पर ₹80 से ₹100 मिल सकते हैं। लेकिन सभी लागतों, विशेष रूप से निश्चित लागतों के बाद, प्रति ऑर्डर लाभ काफी छोटा हो सकता है, शायद सिर्फ ₹1 या ₹2। तो वे लाभदायक कैसे बनते हैं? यह सब पैमाने के बारे में है। जब व्यवसाय बड़े पैमाने पर बढ़ता है, तो निश्चित लागतें - जैसे इंजीनियरिंग टीम, उत्पाद प्रबंधक और संचालन कर्मचारी - आनुपातिक रूप से नहीं बढ़ती हैं। यदि ज़ोमैटो 10 गुना बढ़ता है, तो इन निश्चित टीमों की प्रति ऑर्डर लागत काफी कम हो जाती है। यही कारण है कि भारत के भीतर अधिक शहरों में विस्तार करना इतना महत्वपूर्ण है। यह इन भारी निश्चित लागतों को बड़ी संख्या में ऑर्डर पर फैलाता है, जिससे व्यवसाय लाभदायक बनता है।

अधिग्रहण से सीखना

ज़ोमैटो ने अतीत में अन्य व्यवसायों का अधिग्रहण किया है, हालांकि कुछ को महामारी के दौरान बंद कर दिया गया था। जबकि इन अधिग्रहणों में काफी पैसा खर्च हो सकता है, उन्होंने मूल्यवान डेटा और अंतर्दृष्टि प्रदान की। यह डेटा ज़ोमैटो को बाजार को बेहतर ढंग से समझने और भविष्य के रुझानों का अनुमान लगाने में मदद करता है। यह सीखने के लिए एक बड़ा नमूना आकार प्राप्त करने जैसा है।

भारत का उज्ज्वल भविष्य

आगे देखते हुए, भारत के लिए दृष्टिकोण अविश्वसनीय रूप से आशावादी है। वक्ता का मानना ​​है कि भारत बहुत तेजी से विकसित हो रहा है और अगले 10 से 20 वर्षों में चीन और अमेरिका के बराबर आर्थिक महाशक्ति बनने की क्षमता रखता है। जैसे-जैसे लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी, वे अधिक अच्छा भोजन ऑर्डर करना चाहेंगे और किराना डिलीवरी (ब्लिंकिट) और अन्य सेवाओं का भी पता लगाना चाहेंगे। ज़ोमैटो का ध्यान पूरी तरह से भारत के भीतर विस्तार पर है, क्योंकि अगले दशक के लिए यहां बहुत अधिक क्षमता है।

भारत के हर कोने तक पहुंचना

ज़ोमैटो ने मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर जैसे प्रमुख महानगरों को लक्षित करके शुरुआत की। अब, वे पूरे भारत के सैकड़ों छोटे शहरों में विस्तार कर रहे हैं। यहां तक ​​कि मुक्तसर जैसे कस्बों में भी, जहां शायद बहुत सारे शॉपिंग मॉल या सिनेमाघर न हों, ज़ोमैटो उन लोगों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बन जाता है जो मनोरंजन या अपनी दिनचर्या से ब्रेक की तलाश में हैं। इन छोटे शहरों में अपनाने की दर काफी अच्छी है क्योंकि खर्च या मनोरंजन के लिए उतने अन्य विकल्प नहीं हैं।

डेटा-संचालित निर्णय

ज़ोमैटो के लिए डेटा महत्वपूर्ण है। छोटे शहरों में, वे बहुत सारे सुसंगत ऑर्डर पैटर्न देखते हैं। उदाहरण के लिए, यह जानना कि हर सप्ताहांत कितने चिकन बिरयानी ऑर्डर किए जाते हैं, उन्हें योजना बनाने में मदद करता है। जबकि ज़ोमैटो को भोजन तैयार रखने की आवश्यकता नहीं है (रेस्तरां करते हैं), यह डेटा राइडर क्षमता की योजना बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। वे रेस्तरां के साथ अंतर्दृष्टि भी साझा करते हैं, जिससे उन्हें अपने संचालन को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलती है। इस तरह की डेटा-संचालित आवश्यकता के आधार पर कई क्लाउड किचन और रेस्तरां स्थापित किए गए हैं, जिनका लक्ष्य ग्राहकों को अधिक प्रभावी ढंग से सेवा देना है।