Jeff Bezos’s Mindset, Amazon Secrets, Logistics & Business Growth | Abhinav Singh |FO390 Raj Shamani
Amazon के वाइस प्रेसिडेंट ऑपरेशंस, अभिनव सिंह, हमें बताते हैं कि जब आप 'बाय नाउ' पर क्लिक करते हैं तो पर्दे के पीछे क्या होता है। एक सिंगल ऑर्डर की डिलीवरी के पीछे 30 से ज़्यादा लोग और 40 से ज़्यादा स्टेप्स शामिल होते हैं, फिर भी Amazon का एरर रेट 1% से कम है। इस बातचीत में, हम जानेंगे कि कैसे Amazon अपने लॉजिस्टिक्स को मैनेज करता है, कस्टमर को कैसे खुश रखता है, और जेफ बेजोस से सीखे लीडरशिप के सबक क्या हैं।
जेफ बेजोस से सीखे लीडरशिप के सबक
अभिनव सिंह ने जेफ बेजोस से सबसे बड़ा सबक यह सीखा कि वे चीजों को सरल बनाने में माहिर थे। बेजोस एक बेहद बुद्धिमान व्यक्ति थे, लेकिन उनकी सबसे बड़ी क्षमता जटिल समस्याओं को सरल बनाना और एक स्पष्ट दिशा देना था। एक लीडर का काम शोरगुल से सिग्नल को अलग करना और सिग्नल पर ध्यान केंद्रित करना होता है। बेजोस यह पहचान लेते थे कि किन कुछ महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान केंद्रित करने से फर्क पड़ेगा।
इसे समझने के लिए, उन्होंने एक जहाज के दरवाजे का उदाहरण दिया, जिसमें कई लीवर होते हैं। अगर सारे लीवर सही स्थिति में न हों तो दरवाजा नहीं खुलता। एक लीडर का काम उन लीवरों को पहचानना है, यानी यह समझना कि किन चीजों को करने से परिणाम मिलेंगे। इसके लिए सिर्फ बुद्धिमत्ता ही काफी नहीं है, बल्कि एक तेज दिमाग और सभी स्तरों पर काम करने की क्षमता भी होनी चाहिए। एक लीडर को रणनीतिक रूप से सोचने और जरूरत पड़ने पर डेटा में गहराई तक जाकर यह समझने में सक्षम होना चाहिए कि कौन सी पहल सबसे प्रभावी है। बेजोस में यह क्षमता थी कि वे एक साथ कई चीजों पर ध्यान केंद्रित कर सकें और उन्हें सरल बना सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि एक लीडर का काम कुछ सही निर्णय लेना है। वे अपने काम को सही निर्णयों की संख्या से मापते थे। उनका मानना था कि अगर वे अच्छे निर्णय नहीं ले पाएंगे तो वे अच्छी नींद नहीं ले पाएंगे, और अच्छी नींद के बिना अच्छे निर्णय लेना संभव नहीं है। इसलिए, काम और जीवन के बीच सही संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है। परिवार, बच्चे, माता-पिता और दोस्त सभी जीवन का हिस्सा हैं, और घर पर संतुलन और सामंजस्य होने से आप काम पर एक बेहतर लीडर बनते हैं।
'बाय नाउ' से डिलीवरी तक की यात्रा
जब आप 'बाय नाउ' पर क्लिक करते हैं, तो कुछ ही सेकंड में यह तय हो जाता है कि आपका सामान कहां से शिप होगा, कौन उसे लाएगा और कितनी देर में डिलीवर करेगा। यह टेक्नोलॉजी और भौतिक दुनिया का एक अद्भुत मेल है।
- रियल-टाइम कॉल्स: जैसे ही आप ऑर्डर करते हैं, सिस्टम रियल-टाइम में कॉल करता है यह जानने के लिए कि सामान कहां है, आप कहां हैं, और सबसे तेज रास्ता क्या है। सबसे नजदीकी वेयरहाउस से भेजना अक्सर सबसे तेज और सस्ता होता है।
- प्रॉमिस सिस्टम: Amazon इसे 'डिलीवरी एस्टीमेट' नहीं, बल्कि 'प्रॉमिस' कहता है। यह इतना सटीक होना चाहिए कि वे इसे पूरा कर सकें। यह सिस्टम इन्वेंट्री की लोकेशन, आपके स्थान, रास्ते की स्थिति और किसी भी बाधा को ध्यान में रखकर बनाया जाता है।
- पिकिंग और पैकिंग: वेयरहाउस में, एसोसिएट्स को हैंडहेल्ड डिवाइस दिए जाते हैं जो उन्हें सबसे पास की इन्वेंट्री तक ले जाते हैं। ऑर्डर पिक होने के बाद, उसे पैक स्टेशन पर ले जाया जाता है। यहां, मशीन लर्निंग एल्गोरिथम यह तय करता है कि उत्पाद के लिए सबसे अच्छा बॉक्स साइज कौन सा होगा। उत्पाद के आयामों को स्कैन किया जाता है और फिर सही बॉक्स का चयन किया जाता है।
- शिपिंग लेबल और मैनिफेस्ट: पैक किए गए उत्पाद पर शिपिंग लेबल लगाया जाता है, जिसमें आपका नाम और पता होता है। इस समय, सिस्टम यह भी जांचता है कि क्या डिलीवरी का मूल अनुमान अभी भी मान्य है, और यदि आवश्यक हो तो परिवहन के तरीके को अपग्रेड किया जा सकता है (जैसे ट्रक से प्लेन तक)।
- परिवहन: उत्पाद को ट्रक, प्लेन या भारतीय रेलवे के माध्यम से सॉर्ट सेंटर भेजा जाता है। Amazon भारतीय रेलवे के साथ साझेदारी करने वाली पहली ई-कॉमर्स कंपनी थी और अब 120 ट्रेनों पर पार्सल ले जाती है।
- सॉर्ट सेंटर और डिलीवरी स्टेशन: सॉर्ट सेंटर एक हब की तरह काम करता है जहां बड़े ट्रकों से सामान आता है और छोटे ट्रकों या अन्य माध्यमों से डिलीवरी स्टेशनों तक पहुंचाया जाता है।
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डिलीवरी चैनल: Amazon के चार मुख्य डिलीवरी चैनल हैं:
- आई हैव स्पेस (I Have Space): इसमें पड़ोस की किराना दुकानें शामिल हैं जो अपने खाली समय में डिलीवरी करती हैं। भारत में ऐसे 28,000 स्टोर हैं।
- डिलीवरी सर्विस पार्टनर (DSP): छोटे उद्यमी जो डिलीवरी ड्राइवर रखते हैं और डिलीवरी करते हैं।
- एमफ्लेक्स (Amazon Flex): कॉलेज के छात्र और अन्य लोग जो पार्ट-टाइम डिलीवरी करते हैं।
- एक्सटेंडेड डीएसपी (Extended DSP): डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर जो अपना डिलीवरी स्टेशन भी चलाते हैं।
यह पूरा नेटवर्क छोटे और मध्यम व्यवसायों का एक विशाल नेटवर्क है।
जेम्बा और लीन सिद्धांत
Amazon अपने ऑपरेशंस में कई जापानी सिद्धांतों का उपयोग करता है, जिनमें से एक जेम्बा (Gemba) है। जेम्बा का मतलब है उस जगह पर जाकर देखना जहां वास्तविक मूल्य बनाया जा रहा है। इसका कोई सीधा अंग्रेजी शब्द नहीं है, लेकिन इसका अर्थ है 'वास्तविक स्थान पर जाना'।
- जेम्बा का महत्व: अभिनव सिंह ने एक उदाहरण दिया जहां उन्होंने पैक स्टेशन पर एक महिला को काम करते देखा। उन्होंने देखा कि प्रिंटर दिन में दो-तीन बार अटक जाता था। यह ऑब्जर्वेशन (जेम्बा) से पता चला, जो रिकॉर्ड्स में नहीं था। इससे समस्या की जड़ का पता लगाने और उसे ठीक करने में मदद मिली।
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लीन सिद्धांत: लीन (Lean) Amazon के ऑपरेशंस का एक बड़ा हिस्सा है। इसमें शामिल हैं:
- काइजें (Kaizen): निरंतर छोटे सुधार। जैसे टेप डिस्पेंसर को सही जगह पर रखना या पैक क्वांटिटी बढ़ाना, जिससे समय बचता है।
- वैल्यू स्ट्रीम मैपिंग (Value Stream Mapping): पूरी प्रक्रिया को मैप करना, वेस्ट (अनावश्यक कदम) की पहचान करना और उसे खत्म करना। उदाहरण के लिए, पॉडकास्ट बनाने की प्रक्रिया में रिसर्च से लेकर एडिटिंग तक हर कदम का विश्लेषण करना और सुधार के अवसर खोजना।
- मूडा (Muda): वेस्ट को हटाना। यह फिजिकल वेस्ट या प्रोसेस में वेस्ट हो सकता है।
- एंडन (Andon): एक विजुअल सिस्टम जो समस्याओं को इंगित करता है, जैसे Toyota की असेंबली लाइन में एक कॉर्ड जिसे खींचने पर मशीन बंद हो जाती है, ताकि समस्या को तुरंत ठीक किया जा सके।
- कानबान (Kanban): एक विजुअल सिस्टम जो कार्यों की स्थिति को दर्शाता है, जैसे पॉडकास्ट रिकॉर्डिंग के दौरान कमरे के बाहर लाल बत्ती जलाना।
ये सिद्धांत Amazon को अपने ऑपरेशंस को लगातार बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
उद्यमिता के अवसर और Amazon का योगदान
Amazon छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए कई अवसर प्रदान करता है।
- डिलीवरी स्टेशन खोलना: कोई भी व्यक्ति जो डिलीवरी स्टेशन चलाना चाहता है, वह Amazon के डिलीवरी सर्विस पार्टनर प्रोग्राम से जुड़ सकता है। इसके लिए वेबसाइट पर पूरी जानकारी उपलब्ध है। इसमें कुछ लाख का निवेश लगता है और अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है (लगभग 10-15%)।
- अंडररेटेड बिजनेस: अभिनव सिंह के अनुसार, जिन व्यवसायों में वास्तविक जुनून होता है और जो अच्छे उत्पाद बनाते हैं, वे Amazon पर सफल हो सकते हैं। इसमें कॉफी, बैग, अगरबत्ती, परफ्यूम, हेल्थकेयर उत्पाद और ऑर्गेनिक कैंडल जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। Amazon का लॉन्चपैड प्रोग्राम ऐसे नए उद्यमियों की मदद करता है।
- ग्राहक व्यवहार: भारत और अमेरिका के ग्राहकों की मूल जरूरतें (कीमत, सुविधा, चयन) समान हैं, लेकिन उपभोग पैटर्न (ब्रांड, मूल्य बिंदु) मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिति के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
- कैश ऑन डिलीवरी (COD): COD की शुरुआत भारत में हुई थी और बाद में इसे दुनिया भर के अन्य देशों में भी लागू किया गया। भारत में अब COD का शेयर काफी कम हो गया है, जो Amazon पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
फ्रॉड से निपटना और रिटर्न की लागत
Amazon फ्रॉड से निपटने के लिए कई तरीके अपनाता है:
- कार्डिंग: यह एक प्रकार का फ्रॉड है जहां लोग टेलीग्राम ग्रुप्स पर कार्ड डिटेल्स शेयर करते हैं और Amazon से ऑर्डर करते हैं। Amazon पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करता है और फ्रॉड का पता लगाने के लिए मशीन लर्निंग और पैटर्न रिकग्निशन का उपयोग करता है।
- डिलीवरी फ्रॉड: कुछ लोग डिलीवरी लेने के बाद यह दावा करते हैं कि उन्हें सामान नहीं मिला या वह खराब था। Amazon अपनी नीतियां अच्छे ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाता है और फ्रॉड का पता लगाने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है।
- सुरक्षित डिलीवरी: फोन जैसे उत्पादों के लिए, Amazon टैम्पर-प्रूफ बैग का उपयोग करता है जिसमें एक यूनिक आईडी होता है। यह आईडी डिलीवरी एसोसिएट की ऐप से जुड़ा होता है, जिससे डिलीवरी की चेन ऑफ कस्टडी सुनिश्चित होती है।
रिटर्न की लागत: एक प्रोडक्ट के रिटर्न होने पर Amazon को पिकअप, सॉर्टिंग और वापस वेयरहाउस भेजने की लागत आती है। यदि उत्पाद क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो उसकी बिक्री योग्यता कम हो जाती है, जिससे अतिरिक्त नुकसान होता है।
कोविड-19 का प्रभाव और Amazon की भूमिका
कोविड-19 महामारी Amazon के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय था। इस दौरान, Amazon ने फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में काम किया और लोगों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE), ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर जैसी आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। दूसरी लहर में, Amazon ने ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर की आपूर्ति में भी मदद की और सरकार के साथ मिलकर ऑक्सीजन सिलेंडरों की ट्रैकिंग के लिए टेक समाधान विकसित किए।
Amazon की भविष्य की योजनाएं
Amazon भारत में 10 मिनट की डिलीवरी सेवा शुरू कर चुका है, जिसे 'Amazon Now' कहा जाता है। यह सेवा वर्तमान में दो शहरों में उपलब्ध है और धीरे-धीरे अन्य शहरों में भी विस्तारित की जाएगी। अभिनव सिंह का मानना है कि ई-कॉमर्स अभी भी रिटेल का एक छोटा हिस्सा है, और सभी के लिए विकास की काफी गुंजाइश है।
डिलीवरी पार्टनर्स का ख्याल
Amazon अपने डिलीवरी पार्टनर्स के कल्याण का भी ध्यान रखता है। गर्मी के महीनों में, जब तापमान अधिक होता है, तो वे डिलीवरी एसोसिएट्स को केवल 6 घंटे का काम असाइन करते हैं। इसके अलावा, उन्होंने 'आश्रय' (Aashray) नामक पहल शुरू की है, जिसके तहत शहरों में 100 से अधिक केंद्र खोले गए हैं। ये केंद्र एयर कंडीशन वाले हैं और यहां डिलीवरी पार्टनर्स को मुफ्त चाय, कॉफी, पानी और फोन चार्ज करने की सुविधा मिलती है, चाहे वे किसी भी प्लेटफॉर्म के लिए काम करते हों।
सबसे अजीब चीज जो Amazon पर बिकी
अभिनव सिंह ने बताया कि Amazon पर गोबर (Cow dung) भी बेचा जाता है। इसका कारण यह है कि शहरों में लोग अपने घरों में बगीचे उगा रहे हैं और उन्हें खाद की आवश्यकता होती है। हवन के लिए भी गोबर के उपले इस्तेमाल होते हैं। हालांकि यह अजीब लग सकता है, लेकिन यह एक बढ़ती हुई मांग है।
अंत में, उन्होंने एक मार्मिक कहानी साझा की कि कैसे एक डिलीवरी एसोसिएट ने कोविड के दौरान एक ऐसे व्यक्ति के साथ समय बिताया जिसने अपने पिता को खो दिया था, जब तक कि अंतिम संस्कार नहीं हो गया। यह घटना Amazon की ग्राहक-केंद्रित संस्कृति को दर्शाती है।